HCS एग्जाम में 32 सवाल रिपीट, विपक्ष ने लगाये अपने चहेतों को फायदा पहुंचाने के आरोप!

एचपीएससी यानी हरियाणा लोकसेवा आयोग एक बार फिर सुर्खियों में है. इस बार विवाद 21 मई को हुए एचसीएस (हरियाणा सिविल सर्विस एंड एलाइड सर्विसिज) एग्जाम को लेकर हुआ है. इस एग्जाम के सीसेट पेपर में 32 सवाल पिछली बार हुई परीक्षा में से पूछे गए हैं. दरअसल, ये वे सवाल हैं, जो पिछली बार हुई परीक्षा में भी थे. वहीं विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने इसको लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए इसे एक भ्रष्टाचार का मामला बताया है.
बता दें कि एचसीएस चयन प्रक्रिया में आगे बढ़ने के लिए अभ्यर्थियों को सीटेट यानी सिविल सर्विस एप्टिट्यूट टेस्ट पास करना अनिवार्य है. सीटेट पास करने के लिए 33 अंक लेने अनिवार्य हैं ऐसे में 32 सवाल पुराने होने की वजह से विवाद गहरा गया है. विपक्ष ने आरोप लगाया कि जब 32 सवाल ही पुराने हैं तो फिर 33 अंक लेने में क्या परेशानी आएगी. कांग्रेस ने इसे साजिश करार देते हुए आरोप लगाया कि अपने चहेतों को पेपर पास करवाने के लिए आयोग ने यह काम किया है.
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद रणदीप सुरजेवाला ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के सिटिंग जज की देखरेख में इसकी उच्च स्तरीय जांच करवाने की मांग की है. सुरजेवाला ने कहा, “नौकरियों में भर्ती घोटालों के चलते आयोग पहले से चर्चाओं में रह चुका है. आयोग के डिप्टी सेक्रेटरी रहे अनिल नागर को विजिलेंस द्वारा पैसों के साथ गिरफ्तार किया जा चुका है. उनके कब्जे से ओएमआर शीट भी मिली थी. उन्होंने कहा कि पुरानी परीक्षा वाले सवाल पूछकर अपनों को एडजस्ट करने की कोशिश की है” सुरजेवाला ने कहा, “भाजपा-जजपा सरकार के चहेतों को सैट करने के मकसद से ‘सीसेट’ का पर्चा लीक करने का बड़ा ही बेशर्मीपूर्ण तरीका निकाला है. सीसेट’ के पेपर में 100 में से 32 प्रश्न पिछली बार की परीक्षा के पेपर से कॉमा-फुलस्टॉप तक बदले बिना यूं के यूं नकल करके दे दिए.”
वहीं हरियाणा में होने वाली सरकारी भर्तियों पर नजर रखने वालीं सामाजिक कार्यकर्ता स्वेता ढुल ने भी इसको एक पेपर लीक मामला बताते हुए ट्विटर पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की.
Top Videos

टमाटर बिक रहा कौड़ियों के दाम, किसानों को 2-5 रुपये का रेट!

किसानों ने 27 राज्यों में निकाला ट्रैक्टर मार्च, अपनी लंबित माँगों के लिए ग़ुस्से में दिखे किसान

उत्तर प्रदेश के नोएडा के किसानों को शहरीकरण और विकास क्यों चुभ रहा है

Gig Economy के चंगुल में फंसे Gig Workers के हालात क्या बयां करते हैं?
