जुए में बैल की जगह खुद को जोतकर किसानों ने बयां किए अपने हालात!
MSP पर खरीद की गारंटी का कानून और पूर्ण कर्ज माफी समेत अन्य मांगों को लेकर किसानों ने एचएयू के 4 नंबर गेट से लघु सचिवालय तक प्रदर्शन किया. इस दौरान किसानों ने बैल की जगह खुद को जुए में जोतकर अपने हालात बयां किये.
वहीं जिला प्रशासन के साथ किसान संगठनों की बैठक भी विफल रही. जिसके बाद किसानों ने 25 जनवरी तक मांगों पर सहमति नहीं बनने पर 26 जनवरी को बड़े आंदोलन की घोषणा करने का एलान किया. इसके अलावा करीबन 70 गांवों के किसानों को मुआवजा नहीं मिलने से भी किसानों में भारी रोष है.
भारतीय किसान यूनियन से जुड़े किसान नेता जोगेंद्र मय्यड़ ने कहा कि एमएसपी पर खरीद की गारंटी का कानून लागू करवाना, किसान और मजदूर संपूर्ण कर्ज मुक्ति, मनरेगा को कृषि से जोडक़र मनरेगा मजदूरों की 600 रुपये दिहाड़ी दी जाए और सी2 प्लस 50 के तहत यानी की लागत का डेढ़ गुना भाव देकर स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू की जाए. इसके साथ ही आवारा पशुओं की समस्या का समाधान नहीं करने पर किसानों ने पशुओं को डीसी ऑफिस के सामने छोड़ने की भी चेतावनी दी.
इस मौके पर भारतीय किसान मजदूर यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कोथ, पगड़ी संभाल जट्टा के प्रदेश अध्यक्ष मनदीप नथवान, सात बास के प्रधान बलवान मलिक, बारह खाप के प्रधान रतन सिंह मिलकपुर धर्मपाल बडाला, सतीश बेनीवाल, दिलबाग हुड्डा, कृष्ण माजरा, राम अवतार सुलचानी, सत्यवान कनोह, अमरजीत मोड़ी, छत्रपाल, सुंदर, सुखविंदर औलख, कृष्ण किरमारा, समुद्र मलिक, कृष्ण माजरा व संदीप सिवाच आदि मौजूद रहे.
Top Videos

टमाटर बिक रहा कौड़ियों के दाम, किसानों को 2-5 रुपये का रेट!

किसानों ने 27 राज्यों में निकाला ट्रैक्टर मार्च, अपनी लंबित माँगों के लिए ग़ुस्से में दिखे किसान

उत्तर प्रदेश के नोएडा के किसानों को शहरीकरण और विकास क्यों चुभ रहा है

Gig Economy के चंगुल में फंसे Gig Workers के हालात क्या बयां करते हैं?
