MDU: आरक्षण नियमों के तहत नहीं जारी हुई मेरिट लिस्ट, पीएचडी अभ्यर्थियों ने जताया रोष!

महर्षि दयानंद विश्वविद्वालय (एमडीयू) में पीएचडी एडमिशन प्रक्रिया पर एक बार फिर से सवाल खड़े हो गए हैं. इस बार विश्वविद्यालय प्रशासन पर आरक्षण प्रणाली के नियमों के उल्लंघन का आरोप लगा है. छात्रों का आरोप है कि पीएचडी एडमिशन के लिए 22 जनवरी को जारी की गई मेरिट लिस्ट में आरक्षण के नियमों का उल्लंघन किया गया है. आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को ओपन सीटों से बाहर रखा गया है जिसका विरोध विद्यार्थी संगठन कर रहे हैं.
22 जनवरी को जारी की गई मेरिट लिस्ट में आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को उनकी मेरिट के आधार पर सिर्फ आरक्षित श्रेणी में ही जगह दी गई है. अभ्यर्थियों का कहना है कि आरक्षित वर्ग के विद्यार्थी अपनी श्रेणी के अलावा ओपन या सामान्य सीट पर भी प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं यह पूरी तरह आरक्षण के नियमों के तहत है. एमडीयू इस नियम की पालना नहीं कर रहा. जिससे बहुत से आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी इंटरव्यू के लिए जारी मेरिट लिस्ट में जगह नहीं बना सके हैं.
बता दें कि एमडीयू प्रशासन की ओर से पीएचडी एडमिशन के लिए 19 जनवरी तक फॉर्म स्वीकार किए थे. जिसके तहत 22 जनवरी को इंटरव्यू में चयनित अभ्यर्थियों की मेरिट लिस्ट जारी की गई है. विद्यार्थी संगठनों ने मेरिट को वापस लेकर आरक्षण नियमों के तहत अभ्यर्थियों के चयन की मांग की है.

गांव-सवेरा ने इस मुद्दे को लेकर यूनिवर्सिटी प्रशासन से बात कि तो उन्होंने बताया कि, “हम लोग एडमिशन के लिए जारी की गई गाइडलाइन के तहत की काम कर रहे हैं.” लेकिन यूनिवर्सिटी की ओर से जारी किए गए ऑर्डिनेंस के अनुसार भी आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को ओपन सीटों से बाहर रखने की ओर इशारा किया गया है.
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