कृषि मंत्री ने मानी भावांतर योजना में घोटाले की बात, बोले “घोटाले की जांच करेंगे”

हरियाणा में पिछले दिनों सामने आए भावांतर भरपाई योजना में हुए घोटाले की लेकर प्रदेश के कृषि मंत्री का बयान आया है कृषि मंत्री जेपी दलाल ने कहां घोटाले को अंजाम देने वालों के खिलाफ केस दर्ज करेंगे. इसके साथ ही उन्होंने कहा किसानों को किसी भी तरह की गड़बड़ी की आंशका होने पर संबंधित अधिकारियों को जानकारी देनी चाहिए.
बता दें कि पिछले महीने भावांतर भरपाई योजना में घोटाले का मामला सामने आया था जिसमें कुछ लोगों ने किसानों के नाम पर फर्जी पंजीकरण करवाकर योजना का पैसा अपने बैंक खातों में डलवाकर घोटाले को अंजाम दिया था.
वहीं पिछले साल भी इसी तरह का मामला देखने को मिला था जब किसानों के नाम पर फर्जी पंजीकरण करवाकर योजना का पैसा अपने खातों में डलवा लिया गया था उस वक्त भिवानी पुलिस ने पांच लोगों पर केस दर्ज किया था लेकिन मामले की मजबूती से छानबीन नहीं होने के कारण घोटाला इस साल फिर से दोहराया गया है.
बता दें कि इस योजना के तहत बाजरा के संरक्षित मूल्य यानी एमएसपी और बाजार भाव में जो अंतर आ रहा था, उसकी भरपाई भावांतर के तहत की जाती है.
घोटाले को अंजाम देने के लिए ऑनलाइन उपलब्ध खेती योग्य जमीन की फर्द का उपयोग किया जाता है. आरोपी बाजरे की फसल पोर्टल पर अपने नाम दर्ज कराते हैं. बाद में, वे भावांतर भरपाई योजना (बीबीवाई) के तहत मुआवजे का दावा करने के लिए जे-फॉर्म (फसल बेचने के बाद उत्पन्न) के साथ एमएफएमबी रिकॉर्ड पेश करते हैं. इस बीच पीड़ित किसान को इस बात की कोई जानकारी नहीं होती है कि उसकी जमीन के एवज में राहत का दावा किया गया है. इसके बाद फसल रिकॉर्ड को पटवारी, कृषि विभाग की रिपोर्ट द्वारा सत्यापित किया जाता है.
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