हरियाणा में चल रहे आंदोलनों की आवाज !

अगर सड़कें खामोश हो जाएंगी तो संसद आवारा हो जाएगी. यह कथन राम मनोहर लोहिया का है, जिनका मानना था कि जनता की बगावत ही संसद को अनुशासन में रख सकती है. लोकतंत्र, सिर्फ पांच साल में वोट डालने का नाम नहीं है. नागरिक के तौर पर हमारे जागरूक रहने और सत्ता से सवाल पूछते रहने से ही लोकतंत्र मजबूत होता है. इसी ज़िम्मेदारी को आगे बढ़ाते हुए गांव सवेरा ने शुरू किया है एक खास कार्यक्रम- आंदोलन डायरी. आंदोलन डायरी कार्यक्रम के जरिये हम लेकर आए हैं हरियाणा के अलग-अलग हिस्सों में उठ रही जनता की आवाज़ों का ब्यौरा.
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