यूपी: खीरी से अजय मिश्रा टेनी की उम्मीदवारी के खिलाफ किसानों में रोष!

संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने उत्तर प्रदेश की खीरी लोकसभा सीट से केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी को मैदान में उतारने के भाजपा के फैसले की निंदा की और किसानों से उनकी उम्मीदवारी के खिलाफ भारत भर के गांवों में जुलूस आयोजित करने का आह्वान किया. किसान, बीजेपी नेता टेनी के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, जिनके बेटे आशीष ने कथित तौर पर अक्टूबर 2021 में लखीमपुर खीरी में प्रदर्शन कर रहे किसानों पर अपनी कार चढ़ा दी थी.
“एसकेएम ने मुख्य आरोपी के पिता अजय मिश्रा टेनी को चुनावी मैदान में उतारने पर बीजेपी का कड़ा विरोध किया. एसकेएम ने अपने बयान में कहा, “आशीष मिश्रा टेनी और भयानक लखीमपुर खीरी किसान नरसंहार के मुख्य साजिशकर्ता, लोकसभा चुनाव 2024 में उत्तर प्रदेश की खीरी सीट से चुनाव लड़ेंगे. 3 अक्टूबर 2021 को तीन कृषि अधिनियमों के खिलाफ और अन्य मांगों पर ऐतिहासिक संघर्ष के हिस्से के रूप में किसानों के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन पर किसानों पर गाडी़ चढ़ाकर क्रूरतापूर्वक हमला किया गया, जिससे नक्षत्र सिंह, लवजीत सिंह, दलजीत सिंह और गुरविंदर सिंह और एक पत्रकार रमन कश्यप की मौत हो गई थी .
एसकेएम ने कहा, “किसान आंदोलन ने आईपीसी की धारा 102 के तहत अजय मिश्रा टेनी को बर्खास्त करने और मुकदमा चलाने और सजा सुनिश्चित करने की मांग की है, लेकिन मोदी सरकार इस पूरी अवधि के दौरान गृह राज्य मंत्री को बचाने में लगी रही है.” इसमें आगे कहा गया, “एक राजनीतिक दल के रूप में बीजेपी पर अजय मिश्रा टेनी की उम्मीदवारी घोषित करने का दबाव कॉर्पोरेट-आपराधिक गठजोड़ को उजागर करता है जो बीजेपी के नेतृत्व वाले मोदी राज को जकड़े हुए है.”
बयान के अनुसार, एसकेएम, केंद्रीय ट्रेड यूनियनों (सीटीयू) और अन्य संगठनों के संयुक्त मंच के साथ समन्वय में, भाजपा की इस ‘खुली चुनौती’ का सामना करेगा और 14 मार्च को नई दिल्ली में रामलीला मैदान होने वाली किसान मजदूर महापंचायत में अपनी प्रतिक्रिया की घोषणा करेगा. वहीं एसकेएम ने किसानों से खीरी सीट के लिए टेनी की उम्मीदवारी के खिलाफ और मोदी राज के तहत कॉर्पोरेट-आपराधिक सांठगांठ को उजागर करने के लिए भारत भर के गांवों में मशाल जुलूस आयोजित करने का आह्वान किया है.
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