सीएम खट्टर की छवि सुधारने में जुटी बड़ी टीम, बहाए करोड़ों रुपये!

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के कार्यालय ने अगले साल होने वाले राज्य विधानसभा चुनावों को लेकर सीएम खट्टर की छवि चमकाने के लिए 12 मीडिया सलाहकारों, मीडिया कोर्डिनेटर की अब तक की सबसे बड़ी प्रचार टीम जुटाई है.भले ही राज्य में पब्लिक रिलेशन (पीआर) विभाग पहले से सरकार के प्रचार के लिए बड़े पैमाने पर विशाल बुनियादी ढांचे, बजट, विशेषज्ञों और अन्य संसाधनों के साथ काम कर रहा है लेकिन सीएम खट्टर की इस टीम में दो और लोगों को शामिल किया गया है.
सीएम मनोहर लाल ने राजीव जेटली को दिल्ली के लिए अपने मीडिया सलाहकार के रूप में और प्रवीन अत्रे को चंडीगढ़ के मीडिया सचिव के रूप में शामिल किया है. हालांकि ये दोनों पहले इंडियन नेशनल लोक दल के प्रवक्ता रह चुके हैं. सीएम मनोहर लाल की छवि बनाने वालों में पहले से ही दिल्ली की मीडिया के लिए अमित आर्य और चंडीगढ़ के मीडिया सलाहकार के रूप में राजीव जेटली, मुख्य मीडिया कॉर्डिनेटर के रूप में रमणीक मान, प्रचार सलाहकार के रूप में तरूण भंडारी, OSD (प्रचार) के रूप में गजेंद्र फोगट, मीडिया सचिव के रूप में प्रवीण अत्रे शामिल हैं.
यह फहरिस्त यहीं नहीं रुकती है सीएम मनोहर लाल के आईटी सलाहकार के रूप में द्रुवा मजूमदार, इसके अलावा राजकुमार कपूर (रोहतक), रणदीप घनघस (पानीपत), अशोक छाबड़ा (जींद), जगमोहन आनंद (करनाल) और मुकेश वशिष्ठ को फरीदाबाद के लिए मीडिया कॉर्डिनेटर के रूप में नियुक्त किया गया है.
उनका वेतन, भत्ते और भत्ते एक राजपत्रित अधिकारी के वेतन के बराबर हैं, जबकि उनका काम खट्टर सरकार की कल्याणकारी योजनाओं और विकास परियोजनाओं के लिए व्यापक प्रचार सुनिश्चित करना है, भले ही इसके लिए दो आईएएस अधिकारियों के नेतृत्व में एक पीआर विभाग है. एक अतिरिक्त मुख्य सचिव दूसरा डायरेक्टर स्तर का अधिकारी है, जो सभी जिलों और यहां तक कि मुख्यालयों में जनसंपर्क अधिकारियों, सहायक पीआरओ और अन्य उच्च अधिकारियों की कमान संभालता है.
ये अधिकारी अन्य कार्यक्रमों के साथ-साथ सीएम की प्रेस कॉन्फ्रेंस भी आयोजित करते हैं और जो कहते हैं उसे प्रचारित करते हैं. हालांकि पिछले मुख्यमंत्रियों के पास भी मीडिया सलाहकार थे, लेकिन इतने नहीं.
- Tags :
- Haryana
- haryanagovt
- Manohar lal
Top Videos

टमाटर बिक रहा कौड़ियों के दाम, किसानों को 2-5 रुपये का रेट!

किसानों ने 27 राज्यों में निकाला ट्रैक्टर मार्च, अपनी लंबित माँगों के लिए ग़ुस्से में दिखे किसान

उत्तर प्रदेश के नोएडा के किसानों को शहरीकरण और विकास क्यों चुभ रहा है

Gig Economy के चंगुल में फंसे Gig Workers के हालात क्या बयां करते हैं?
