किसान संगठनों की आपसी एकता को लेकर 12 फरवरी को फिर होगी बैठक!

 

संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा (केएमएम) आखिरकार 12 फरवरी को एसकेएम (अखिल भारतीय) के साथ आने को लेकर बातचीत करने के लिए सहमत हो गए हैं. शंभू और खनौरी में विरोध प्रदर्शन करने वाले मंचों द्वारा अपनी मांगों को लेकर केंद्र के साथ बातचीत करने से दो दिन पहले यह बैठक होने वाली है.

किसान संगठनों के बीच पहले के दो दौर की बैठकें असफल रहीं, क्योंकि केंद्र के खिलाफ उनके संयुक्त आंदोलन के लिए एक आम रणनीति को लेकर मतभेद थे. वहीं मौजूदा आंदोलन कर्ज माफी और फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) सुनिश्चित करने वाले कानून सहित मांगों तक सीमित रहा है, वहीं SKM दावा कर रहा है कि कृषि मार्किटिंग पर राष्ट्रीय नीति ढांचे के मसौदे के मुकाबले MSP गौण है क्योंकि इसमें अब रद्द किए जा चुके तीन कृषि कानूनों के प्रावधान शामिल हैं.

केएमएम के संयोजक सरवन सिंह पंधेर और एसकेएम (गैर-राजनीतिक) नेता काका सिंह ने कहा कि वे 12 फरवरी को चंडीगढ़ में एसकेएम (अखिल भारतीय) नेताओं के साथ बातचीत के लिए प्रतिनिधिमंडल भेजेंगे. पंधेर ने कहा, “हम अधिकतम एकता की वकालत करते हैं. यह एसकेएम पर निर्भर करता है कि वे अधिकतम या न्यूनतम एकता चाहते हैं”