गन्ने के SAP में बढ़ोतरी की मांग को लेकर किसानों का प्रदर्शन!

एसएपी की घोषणा में देरी ने किसानों को चिंता की बढ़ा दी है, राज्य के किसान संगठन गन्ने की एसएपी ₹372 से बढ़ाकर ₹450 प्रति क्विंटल तय किया गया था. गन्ने का पेराई सत्र नवंबर के पहले सप्ताह में शुरू होने वाला है, इसलिए राज्य सरकार ने 2023-24 पेराई सत्र के लिए गन्ने के लिए राज्य सहित मूल्य (एसएपी) के बारे में अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया है. भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले किसानों ने पंचकुला में विरोध प्रदर्शन किया और कृषि निदेशक को गन्ना एसएपी में बढ़ोतरी की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा.
हरियाणा, बीकेयू अध्यक्ष रतन मान ने कहा, “हमने एसएपी को बढ़ाकर ₹450 प्रति क्विंटल करने की अपनी मांग उठाई है और कृषि निदेशक ने हमें आश्वासन दिया है कि वह इस मुद्दे को मुख्यमंत्री के सामने उठाएंगे.” वहीं किसानों ने चेतावनी दी कि अगर 1 नवंबर तक एसएपी में बढ़ोतरी नहीं कि गई तो उन्होंने 2 नवंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की करनाल रैली का विरोध करेंगे.
बता दें कि एसएपी वह कीमत है जिस पर चीनी मिलें किसानों से गन्ना खरीदने के लिए बाध्य हैं. इस वक्त एसएपी ₹372 प्रति क्विंटल पर निर्धारित है, किसान एसएपी को ₹450 प्रति क्विंटल तक बढ़ाने की मांग कर रहे हैं. यहां तक कि बीकेयू चढूनी ने भी इस महीने की शुरुआत में जिला मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन करते हुए इसी तरह की मांगों को दोहराया है.
बीकेयू (चढ़ूनी) के प्रवक्ता राकेश बैंस ने कहा. “हमने यह मुद्दा पहले ही सरकार के सामने उठाया था और अब और किसान संगठनों ने भी यही मांग उठाई है.लेकिन इस साल सरकार को एसएपी को ₹450 प्रति क्विंटल तय करना होगा. एसएपी की घोषणा में देरी ने किसानों के बीच चिंता बढ़ा दी है, जो तर्क देते हैं कि मूल्य निर्धारण का निर्णय पेराई सत्र से काफी पहले किया जाना चाहिए था. वहीं कृषि निदेशक नरहरि बांगर ने कहा कि एसएपी गन्ने के बारे में निर्णय पर अभी चर्चा नहीं हुई है लेकिन किसानों ने यह मुद्दा उठाया और अपनी मांग का एक ज्ञापन सौंपा.
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