मंडी-बाजार
फेल साबित हुए खाद्य सब्सिडी पर हमला बोलने वाले पीडीएस विरोधी अर्थशास्त्री
पिछले तीन वर्षों में गेहूं और धान की सरकारी खरीद करीब डेढ़ गुना बढ़ी है। इसी के बूते करोड़ों लोगों को पीडीएस का अतिरिक्त अनाज मिल सका। क्योंकि भारत में कृषि उत्पादों के दाम अंतरराष्ट्रीय बाजार से कम थे।
Apr 24, 2022लॉकडाउन से सूक्ष्म, लघु और मझोले कारोबार पर सबसे भयानक मार पड़ी, 2020-2021 में क़र्ज़ 20,000 करोड़ बढ़ा
कोरोना की सबसे ज्यादा मार एमएसएमई सेक्टर पर पड़ी है। मार्च 2020 में केंद्र सरकार द्वारा देशव्यापी लॉकडाउन लागू करने के बाद, हजारों एमएसएमई या तो बंद हो गए या उनकी हालत बिगड़ गई।
Mar 18, 2022गांव-देहात के हिसाब से इस बजट में क्या है?
कृषि और संबद्ध गतिविधियों का कुल बजट पिछले साल के 4.26% से घटकर अब 3.84% हो गया है
Feb 3, 2022क्या हमारे देश के किसान अपनी उपज एपीएमसी मंडियों में ही बेचते हैं?
साक्षात्कार में आए करीब 62 फीसदी किसानों को एमएसपी के बारे में जानकारी नहीं थी, जबकि सिर्फ 38 फीसदी ने एमएसपी के बारे में सुना था. जिन लोगों ने एमएसपी के बारे में सुना था, उनमें से अधिकांश (64 प्रतिशत) ने कहा कि वे सरकार द्वारा तय की गई फसलों की दरों से संतुष्ट नहीं हैं और केवल 27 प्रतिशत सरकार द्वारा तय की गई फसलों की दरों से संतुष्ट हैं.
Nov 8, 2021फिर बढ़े रसोई गैस के दाम, 15 रुपये की बढ़ोतरी के साथ नौ सौ पार हुआ एलपीजी सिलेंडर!
हरियाणा में एलपीजी सिलेंडर की कीमत 15 रुपये की बढ़ोतरी के साथ 916 रुपये हो गई है. पिछले तीन महीनों से लगातार रसोई गैस की कीमतों में बढ़ोतरी हो रही है.
Oct 6, 2021बाजरा खरीद से हरियाणा सरकार ने पल्ला झाड़ा, भावांतर भरोसे छोड़े किसान!
किसान अभी तक सरकारी खरीद के इंतजार में थे, इसलिए उन्होंने बाजरे को मंडी में ले जाना शुरू नहीं किया था. लेकिन इस योजना के ऐलान के बाद सरकारी खरीद का तो रास्ता ही बंद हो गया.
Sep 30, 2021Top Videos

टमाटर बिक रहा कौड़ियों के दाम, किसानों को 2-5 रुपये का रेट!

किसानों ने 27 राज्यों में निकाला ट्रैक्टर मार्च, अपनी लंबित माँगों के लिए ग़ुस्से में दिखे किसान

उत्तर प्रदेश के नोएडा के किसानों को शहरीकरण और विकास क्यों चुभ रहा है

Gig Economy के चंगुल में फंसे Gig Workers के हालात क्या बयां करते हैं?
