शिक्षण संस्थान खोेलने को लेकर छात्रों का प्रदर्शन, मांगें नहीं माने जाने पर दी आंदोलन की चेतावनी!

उच्च शिक्षण संस्थानों को खोलने के लिए छात्र देशभर में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. एमडीयू, रोहतक के छात्रों ने भी यूनिवर्सिटी खोले जाने को लेकर प्रदर्शन किया. छात्र एकता मंच (हरियाणा) ने शिक्षण संस्थानों को पूर्ण रूप से खोले जाने की मांग करते हुए सरकार और यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया.
छात्रों ने हरियाणा सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए यूनिवर्सिटी के गेट नंबर 2 से लेकर वीसी ऑफिस तक रोष मार्च निकाला. विरोध प्रदर्शन और मार्च का संचालन छात्र एकता मंच (हरियाणा) की राज्यसचिव मनीषा ने किया.
ऑनलाइन शिक्षा के खिलाफ बोलते हुए छात्र एकता मंच के जिला सचिव नरेश कुमार ने कहा,“ऑनलाइन शिक्षा के कारण शिक्षा एक बड़ी छात्र आबादी की पहुंच से बाहर होती जा रही है. एमडीयू यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले अधिकतर छात्र गांव-देहात से आते हैं. आज गांव में इंटरनेट की समस्या है और आधे से ज्यादा लड़कियों के पास स्मार्टफोन तक नहीं है जिसके कारण ऑनलाइन क्लास के चलते छात्र शिक्षा से वंचित हो रहे हैं.”
वहीं संगठन के सदस्य नवनीत ने कहा,“आज विद्यार्थियों को अपने हकों की लड़ाई लड़ते हुए किसान आंदोलन में भी अपनी भागीदारी देनी चाहिए और यह भागीदारी हम तभी दे सकते हैं जब हम कॉलेज यूनिवर्सिटी को खोलने के लिए संघर्ष तेज करेंगें और अपने हकों की लड़ाई लड़ेंगें. आज समाज में जरूरत है कि सभी तबके एक साथ इकट्ठा होकर सरकार द्वारा लाई गई जन विरोधी नीतियों का विरोध करें. जब तक सभी वर्ग एक साथ इकट्ठा होकर संघर्ष नहीं करेंगें तब तक हम सरकार की जन विरोधी नीतियों को वापिस नहीं करा पाएंगे.”
छात्र एकता मंच के सदस्य अमनप्रीत विद्यार्थी ने कहा, “करोना महामारी के दौरान जिम, मार्केट, मॉल आदि सब कुछ खुल चुके हैं, लेकिन सरकार ने कॉलेज, यूनिवर्सिटी को बंद कर रखा है.”
इस मामले पर सामाजिक कार्यकर्ता हरवीर सिंह राठी ने कहा, “इस देश की सरकारों ने शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह तबाह कर दिया है. सरकार की जनविरोधी नीतियों के कारण शिक्षा आम आदमी की पहुंच से बाहर होती जा रही है.”
छात्रों ने रजिस्ट्रार को सौंपे ज्ञापन में सभी शिक्षण संस्थानों को तुंरत प्रभाव से खोले जाने की मांग की. कॉलेज और यूनिवर्सिटी के साथ सभी होस्टलों को भी खोले जाने तकी मांग की ताकि विद्यार्थियों को पढ़ाई करने में आसानी हो. कोरोना महामारी के चलते लोगों के आर्थिक हालात ठीक नहीं हैं ऐसे में नए सत्र में सभी छात्र-छात्राओं को मुफ्त दाखिला दिया जाए. परीक्षाएं ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम से ली जाएं. वहीं मांगें नहीं माने जाने पर छात्रों ने बड़ा आंदोलन करने की भी चेतावनी दी.
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