रेवाड़ी: NGT के निशाने पर 128 औद्योगिक इकाइयां!l

रेवाड़ी जिले के बावल और धारूहेड़ा शहर की 128 औद्योगिक इकाइयां राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के रडार पर आ गई हैं. एनजीटी ने हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को इन औद्योगिक इकाइयों के रासायनिक कचरे के प्रबंधन के बारे जमीनी जांच करने के आदेश दिए हैं.
इस मामले में एनजीटी ने हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को 31 जनवरी तक बावल की 102 और धारूहेड़ा की 26 इकाइयों पर अपनी जांच रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है. जांच के घेरे में आई ज्यादातर औद्योगिक इकाइयां ऑटो पार्ट्स, ऑटो ग्लास, फैब्रिकेसन, स्टील और धातु के प्रोसेसिंग का काम करती हैं. सूत्रों के हवाले पता चला है कि रेवाड़ी शहर की 16 औद्योगिक इकाइयों के तरल रासायनिक कचरा प्रबंधन की जांच कर एनजीटी को रिपोर्ट सौंपी जा चुकी है. एनजीटी की इस कार्रवाई की डोर जिले के खरकड़ा गाँव निवासी प्रकाश यादव की शिकायत से बंधी हुई है.
प्रकाश यादव ने अपनी शिकायत में इन औद्योगिक इकाइयों पर यह आरोप लगया था कि राष्ट्रीय राजमार्ग दिल्ली – जयपुर पर पड़ने वाले खरकड़ा-खलियावास के पास से बहने वाली साहिबी नदी में औद्योगिक इकाइयां अपना तरल रासायनिक कचरा बहा रही हैं. प्रकाश यादव ने पिछले साल शिकायत की थी, जिस पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और डीएम को उन विवरणों के साथ रिपोर्ट दोबारा तैयार करने का आदेश दिया गया था. हरियाणा का औद्योगिक कचरा, विशेषकर रेवाडी से, मसानी बैराज पर इस बरसाती नदी में गिरता है, और आसपास के भूजल को प्रदूषित करता है. इससे इलाके के लोग बीमार पड़ रहे हैं.
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