हरियाणा का ओबीसी समाज BJP से क्यों नाराज है?

हरियाणा के ओबीसी समाज के कुछ संगठनों ने सांझा मोर्चा बनाकर एक पदयात्रा रोहतक से 28 नवम्बर को महात्मा ज्योतिबा फुले की पुण्यतिथि पर शुरू की। यह यात्रा आज यानि कि 9 दिसम्बर को चण्डीगढ़ राजभवन पर समाप्त हुई जहां पर हरियाणा के राज्यपाल श्री बंडारू दत्तात्रेय जी को अपना मांगपत्र सौंपा गया। इस पदयात्रा की मुख्य मांगे निम्न रही:-
- 2022 की जनगणना जाति आधारित करवाई जाये।
- विधानसभा और लोकसभा में जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण संबंधी कानून बनाया जाये।
- 127वां संविधान संशोधन बिल रद्द किया जाए।
- महात्मा ज्योतिबा फुले और माता सावित्री बाई फुले को भारत रत्न दिया जाए।
- नौकरियों में बैकलाग पूरा किया जाए व एकल भर्ती प्रक्रिया बन्द की जाए।
- प्रथम व द्वीतिय श्रेणी में पूरा 27% आरक्षण दिया जाए जो हरियाणा में अभी तक सिर्फ 15% ही दिया गया है।
- हरियाणा प्रदेश में बीसी क्रीमीलेयर नया नोटिफिकेशन 17 नवम्बर 2021 को तुरंत रद्द करके केन्द्रीय पैट्रन पर लागू किया जाए।
ओबीसी के साथ धोखे का भाजपा पर लगाया आरोप
पदयात्रा में शुरू से ही शामिल लोकीराम प्रजापति का कहना है कि राज्य और केन्द्र दोनों जगह भाजपा की सरकार ओबीसी के ही दम पर बनी। लेकिन अब यह सरकार उनके साथी ही धोखा करने लग गई है और उनके संवैधानिक अधिकारों को एक एक करके समाप्त करने पर तुली हुई है।
कुलदीप (के डी) ने कहा कि अब ओबीसी समाज जाग चुका है और ठान चुका है कि वो अपने हक लेकर रहेगा।
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